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मरवाही – जीपीएम शिक्षा विभाग में BRC नियुक्ति में बड़ा खेल, नियमों को दरकिनार कर की गई नियुक्ति, शिक्षा सचिव को पत्र

मरवाही – जीपीएम शिक्षा विभाग में BRC नियुक्ति में बड़ा खेल, नियमों को दरकिनार कर की गई नियुक्ति, शिक्षा सचिव को पत्र

गौरेला-पेंड्रा-मरवाही;-शिक्षा विभाग जीपीएम में एक बार फिर विवादों में घिर गया है। इस बार मरवाही विकासखंड में बीआरसी (ब्लॉक रिसोर्स कोऑर्डिनेटर) की नियुक्ति को लेकर नियमों की अनदेखी और पारदर्शिता पर सवाल खड़े हो गए हैं।सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, चयन प्रक्रिया में नियमों को दरकिनार कर मनमानी करते हुए पेंड्रा विकासखंड में कार्यरत प्रधान पाठक अजय कुमार राय, जो शा.पूर्व माध्यमिक शाला, भर्रापारा पेंड्रा में पदस्थ हैं, को मरवाही विकासखंड में बीआरसी बना दिया गया। यह नियुक्ति नियम विरुद्ध मानी जा रही है, जिससे अफसरों की मिलीभगत और विभागीय लेनदेन की चर्चाएं तेज हो गई हैं।

 क्या है पूरा मामला..?

मरवाही विकासखंड में बीआरसी के पद पर स्थानीय पात्र प्रधान पाठकों की अनदेखी कर पेंड्रा विकासखंड के प्रधान पाठक को नियुक्त कर दिया गया।जबकि नियमानुसार किसी अन्य विकासखंड में पदस्थ प्रधान पाठक को दूसरे विकासखंड में बीआरसी नियुक्त नहीं किया जा सकता।स्थानीय योग्य प्रधान पाठकों की अनदेखी कर बाहर के व्यक्ति को नियुक्त कर विभाग ने पारदर्शिता और निष्पक्षता पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

नियम क्या कहते हैं…?

1️⃣ बीआरसी पद के लिए पात्रता:

वही मिडिल स्कूल के प्रधान पाठक पात्र होंगे जो उसी विकासखंड में पदस्थ हों

चयन प्रक्रिया….?:

बीआरसी चयन के लिए जिला शिक्षा अधिकारी और डीपीसी (जिला परियोजना समन्वयक) की संयुक्त समिति द्वारा पात्रता परीक्षण व साक्षात्कार के बाद नाम तय किए जाते हैं।फिर भी अंतिम शर्त रहती है कि संबंधित प्रधान पाठक जिस विकासखंड का बीआरसी पद है, वहीं पदस्थ हो।उल्लंघन पर कार्रवाई:…यदि नियुक्ति में नियमों का उल्लंघन होता है तो शासन स्तर से आदेश निरस्त किए जा सकते हैं। आदेश जारी करने वाले अधिकारियों पर विभागीय जांच व अनुशासनात्मक कार्रवाई संभव है

अधिकारी क्या कह रहे हैं…?

जब इस मामले पर जिला शिक्षा अधिकारी से सवाल किया गया, तो उन्होंने टिप्पणी करने से इनकार कर कहा कि वह मामले की जांच कर रिपोर्ट देंगे।

वहीं विभाग के कुछ सूत्रों का कहना है कि यह नियुक्ति नियमों के विपरीत की गई है, और इस पर शासन स्तर से कार्रवाई होनी चाहिए। क्यों उठ रही है जांच की मांग?नियम विरुद्ध नियुक्ति से योग्य प्रधान पाठकों की अनदेखी। मरवाही ब्लॉक में बीआरसी के पद पर दूसरे ब्लॉक के शिक्षक को बैठाना। बच्चों की शिक्षा व्यवस्था और मॉनिटरिंग प्रभावित होने की आशंका।

क्या हो सकती है कार्रवाई….? यदि जांच में नियमों का उल्लंघन प्रमाणित होता है:

नियुक्ति तत्काल निरस्त की जा सकती है..?आदेश जारी करने वाले अधिकारी और चयन में शामिल अधिकारियों पर विभागीय जांच व अनुशासनात्मक कार्रवाई हो सकती है।संबंधित व्यक्ति को पुनः अपने पूर्व पद पर भेजा जा सकता है।इस पूरे मामले में शिक्षा सचिव,को लिखित आवेदन देकर इस नियुक्ति को तत्काल निरस्त करने की मांग की है, और नियम विरुद्ध आदेश देने वाले तत्कालीन DEO पर कार्यवाही की मांग,

उन्होंने कहा है कि इस नियम विरुद्ध नियुक्ति से बच्चों की शिक्षा प्रभावित हो रही है और विभाग में पारदर्शिता पर सवाल खड़े हो रहे हैं।स्थानीय ने मांग की है कि इस नियुक्ति को रद्द कर पात्र व्यक्ति की नियुक्ति की जाए और दोषी अधिकारियों पर कार्यवाही हो, ताकि बच्चों की पढ़ाई बाधित न हो मरवाही विकासखंड में बीआरसी नियुक्ति में नियमों की अनदेखी और पारदर्शिता पर सवालों ने *शिक्षा विभाग जीपीएम कर शिक्षा विभाग पर प्रश्न चिन्ह..?*

अब देखना होगा कि जिला प्रशासन और शासन इस पर किस प्रकार की कार्रवाई करता है, ताकि शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और कानून का पालन सुनिश्चित किया जा सके

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